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इंश्योरेंस

04 July, 2020, 03:34 AM IST
सड़क हादसे के शिकार लोगों के लिए शुरू होगी कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम

राज्यों के परिवहन सचिवों और आयुक्तों को मंगलवार को भेजे पत्र में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि कैशलेस इलाज की योजना के लिए उसके तहत एक मोटर व्‍हीकल एक्‍सीडेंट फंड बनाया जाएगा.

दस जुलाई तक 'कोरोना कवच' पेश करें बीमा कंपनियां: इरडा

मानक कोविड बीमा पालिसी 50 हजार रुपये से पांच लाख रुपये तक के बीच हो सकती है.

टॉप-अप और सुपर टॉप-अप हेल्‍थ इंश्‍योरेंस के बारे में जानें ये जरूरी बातें

कोविड-19 संकट से लोगों की आंखें खुल गई हैं. इसने दिखाया है कि मेडिकल के खर्च को हल्‍के में लेना बहुत भारी पड़ सकता है. बीमार होने पर अस्‍पताल में भर्ती होने का औसत खर्च 10-15 लाख रुपये के बीच आ सकता है. ऐसे में यह सोचना लाजिमी है कि आपके पास पर्याप्‍त हेल्‍थ कवर है या नहीं और क्‍या इसे बढ़ाना चाहिए. इसे बढ़ाने एक तरीका टॉप-अप हेल्‍थ प्‍लान या सुपर टॉप-अप प्‍लान लेना है.टॉप-अप हेल्‍थ प्‍लान उन लोगों के लिए कम कीमत में अतिरिक्‍त कवर होता है जिनके पास पहले ही हेल्‍थ पॉलिसी है. वहीं, सुपर टॉप-अप हेल्‍थ इंश्‍योरेंस प्‍लान भी अतिरिक्‍त कवर मुहैया कराता है. अंतर यह है कि सुपर टॉप-अप प्‍लान बुनियादी पॉलिसी के ऊपर के खर्चों को कवर करते हैं. जहां हेल्‍थ पॉलिसी अस्‍पताल में भर्ती होने के खर्च को कवर करती है. वहीं, सुपर टॉप-अप प्‍लान इससे जुड़े और भी तरह के खर्चों को कवर करते हैं. इन दोनों बीच हम यहां कुछ बुनियादी अंतर बता रहे हैं. अगर आपको ज्‍यादा हेल्‍थ कवर की जरूरत है तो आपको इन पर ध्‍यान देना चाहिए.

कोरोना के लिए बीमा कंपनियां लॉन्च करेंगी छोटी अवधि की हेल्थ पॉलिसी

सर्कुलर के अनुसार, शॉर्ट-टर्म हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी का मतलब ऐसी मेडिक्‍लेम पॉलिसी से है जिन्‍हें 12 महीने से कम की अवधि के लिए जारी किया जाता है.

डॉक्टर और नर्स को सितंबर तक मिलेगी ₹50 लाख बीमा की सुविधा

इस स्‍कीम के तहत करीब 22 लाख स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है. यह योजना सरकारी क्षेत्र की न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लागू कर रही है. इसे शुरू में 30 जून तक के लिए लागू किया गया था.

बीमा कंपनियां पेश करेंगी स्‍टैंडर्ड कोरोना इंश्‍योरेंस पॉलिसी, क्‍या आपको खरीदनी चाहिए?

इसमें 5 लाख रुपये तक कोविड-19 से जुड़े अस्‍पताल के खर्चों को कवर किया जाएगा. यह पॉलिसी बीमारी के इलाज में उपयोग होने वाले पीपीई किट, ग्‍लव्‍ज, मास्‍क और अन्‍य तरह के खर्चों को कवर करेगी.

क्‍या आप मानसिक बीमारी के लिए हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कवर खरीद सकते हैं?

इरडा के निर्देशों के अनुसार सभी मानसिक बीमारियों को दूसरी बीमारियों की तरह लेने की जरूरत है. उसने एक्‍सक्‍लूजन की लिस्‍ट को हटा दिया है.

टॉप-अप या नई हेल्‍थ पॉलिसी में से किसे चुनना है फायदेमंद?

टॉप-अप हेल्‍थ प्‍लान उन लोगों के लिए अतिरिक्‍त कवर होता है जिनके पास पहले ही हेल्‍थ पॉलिसी है. यह काफी कम कीमत में मिल जाता है.

एक-चौथाई भारतीय रोकना चाहते हैं इंश्‍योरेंस प्रीमियम : सर्वे

सर्वे से इस बात का भी पता चलता है कि इंश्‍योरेंस की मांग करने वालों में भी भारतीय कंज्‍यूमर एशिया-प्रशांत में दूसरे स्‍थान पर हैं. आर्थिक और मानसिक सेहत की चिंता ने इस मांग को बल दिया है.

इस फादर्स डे पर अपने पिता को दें स्‍वास्‍थ्‍य बीमा का तोहफा

पॉलिसी ऐसी होनी चाहिए जिसमें अस्पताल भर्ती होने की स्थिति में आपको कमरे के किराये की सीमा के बारे में चिंता नहीं करनी पड़े. आप बेड चार्ज, नर्सिंग के खर्च या आईसीयू कॉस्‍ट के बारे में चिंता किए बिना किसी भी रूम कैटेगरी को चुन सकें.

क्‍या दंगे में कार को हुए नुकसान को मोटर इंश्‍योरेंस पॉलिसी कवर करती है?

दंगों में गाड़ी को हुआ नुकसान कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्‍योरेंस पॉलिसी के तहत कवर होता है. लेकिन, थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस में यह कवर नहीं होता है.

आईसीआईसीआई लोम्‍बार्ड घर पर कोरोना के इलाज को भी पॉलिसी में शामिल करेगी

आईसीआईसीआई लोम्‍बार्ड के एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर संजीव मंत्री ने कहा कि अस्‍पतालों पर दबाव है. बेड सीमित हैं. 75-80 फीसदी मामलों में अस्‍पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है. होम आइसोलेशन की आगे और जरूरत बढ़ेगी.

आठ साल तक प्रीमियम देने के बाद स्वास्थ्य बीमा दावों पर नहीं हो सकता विवाद: इरडा

​​इरडा ने कहा है कि इसके लिए पॉलिसी करार के सामान्य नियमों और शर्तों की भाषा को आसान बनाया जाएगा और पूरे उद्योग में एकरूपता सुनिश्चित की जाएगी.

आसान हुआ कार खरीदना, इरडा ने तीन साल बीमा का नियम वापस लिया

सितंबर 2018 से बीमा कंपनियों ने इन पैकेज्‍ड लॉन्‍ग टर्म पॉलिसी को वैकल्पिक आधार पर पेश करना शुरू किया था. इसका मकसद मोटर इंश्‍योरेंस की पहुंच बढ़ाना था. 2018 में जब पॉलिसी की शुरुआत हुई थी तब 1.80 करोड़ में से केवल 60 लाख वाहन इंश्‍योरेंस से कवर थे.

मौजूदा पॉलिसियों को ई-बीमा पॉलिसी में कैसे बदलें?

ई-इंश्‍योरेंस अकाउंट किन्‍हीं भी चार बीमा रिपॉजिटरी में से एक में खोला जा सकता है. इन्‍हें बीमा नियामक इरडा से मान्‍यता मिली हुई है. यहां खाता खोलने का फॉर्म भरकर देना होगा.

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