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योजना

07 July, 2020, 08:32 AM IST
फाइनेंशियल प्‍लानिंग में क्‍या ज्‍यादा जरूरी है-इंश्‍योरेंस या निवेश?

करियर की शुरुआत में ही निवेश के बारे में सोचना अच्‍छा है. हालांकि, इससे पहले अपनी इनकम और सेविंग की सुरक्षा अहम है.

रुपये-पैसे को संभालने में आप कैसे कर सकते हैं माता-पिता की मदद?

अपने माता-पिता को कैशलेस हेल्‍थ इंश्‍योरेंस प्‍लान में एनरोल कराने के बारे में सोचना चाहिए. यह इमर्जेंसी और नॉन-इमर्जेंसी मेडिकल खर्चों को कवर करेगा.

लॉकडाउन खुलने के बाद भी नहीं करें ये 6 काम

आप बेसब्री से लॉकडाउन खत्‍म होने का इंतजार कर रहे होंगे. शायद आपने दोस्‍तों से मिलने, शॉपिंग पर जाने या नजदीकी सलून में जाने की योजना बनाई हो. लेकिन, आपको याद रखना चाहिए कि लॉकडाउन खुलने के बावजूद कई तरह के एहतियात बरतने होंगे. कारण है कि इसके खत्‍म होते ही जिंदगी सामान्‍य नहीं हो जाएगी. आपको तब भी बहुत सावधान रहने की जरूरत होगी और अपनी सेहत का ख्‍याल रखना होगा. वजह है कि कोरोना के संक्रमण का खतरा तब भी बना रहेगा. यहां हम आपको कुछ चीजों के बारे में बता रहे हैं जो आपको लॉकडाउन खत्‍म होते ही नहीं करनी चाहिए.

ज्‍यादा सैलरी वाली जॉब छोड़कर अपना काम शुरू करना चाहते हैं तो इन 3 बातों का रखें ध्यान

जब आप नौकरी करते हैं तो परिवार को एक खास तरह की जीवनशैली में रहने की आदत बन जाती है. मुमकिन है कि जो दूसरों के लिए गैर-जरूरी खर्च लगते हों, वे उनके जीवन का हिस्‍सा बन चुके हों.

झंझट से बचने के लिए 30 जून से पहले निपटा लें ये 8 जरूरी काम

अगर आपने वित्‍त वर्ष 2018-19 का आईटीआर दाखिल नहीं किया है तो आप संशोधित आईटीआर के तौर पर 30 जून तक इसे दाखिल कर सकते हैं.

जरूरत में काम आता है इमर्जेंसी फंड, जानें इसे कैसे बना सकते हैं आप

इन मुश्किल दिनों में कई को इमर्जेंसी फंड की जरूरत महसूस हो रही है. कोरोना महामारी के कारण कई इंडस्‍ट्री पूरी तरह से ठप्‍प हैं और इनकम खतरे में है. यहां तक नौकरी जाने का भी जोखिम बना हुआ है.

डेबिट कार्ड खो जाने पर आपको क्‍या करना चाहिए?

जैसे ही आपको पता चलता है कि आपका कार्ड खो गया है, तुरंत इसकी सूचना बैंक को देनी चाहिए. बैंक को सूचना देने के कई तरीके हैं.

क्‍या कोरोना ने आपके वित्तीय लक्ष्‍यों को दूर कर दिया है? इस टेस्‍ट से लगाएं पता

अगर आप अपने प्‍लान की ताकत (स्‍ट्रेंथ), कमजोरियों (वीकनेसेज), अवसरों (अपॉर्चुनिटीज) और खतरों (थ्रेट) को जानते हैं, तो आप अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उचित कदम उठा सकते हैं.

कोविड-19 : बदल गए हैं हालात, निवेश करने में इन बातों का जरूर ध्यान रखें

अंतरराष्‍ट्रीय अर्थव्‍यवस्‍था के मंदी में जाने की आशंका बढ़ गई है. संभव है कि नकदी की किल्‍लत के साथ महंगाई का दबाव भी बढ़े. ऐसी स्थिति में छोटी अवधि के वित्‍तीय लक्ष्‍यों को बनाना अहम हो जाता है.

कोविड-19: मुश्किल हालात में इन 6 बातों का रखें ध्यान

उत्‍पादन और खपत रुक जाने से तमाम सेक्‍टरों पर असर पड़ा है. इन सेक्‍टरों में काम करने वाले भी इससे प्रभावित होंगे.

आज के हालात में आपको रुपये-पैसे के मामले में कितना जोखिम लेना चाहिए? ऐसे पाएं जवाब

हम यहां एक क्विज दे रहे हैं. यह आपको आपकी जोखिम लेने की क्षमता के बारे में बताने में मदद करेगा.

कोविड-19: मंदी दे रही है दस्तक, क्‍या आप तैयार हैं?

व्यवसायों को संचालन बंद करने के लिए मजबूर किया गया है. हर स्‍तर पर उत्पादन को नुकसान हुआ है.

कोरोना वायरस: अभी निवेश नहीं, ये 8 काम करने की है जरूरत

ध्‍यान से सुनिए कि आपकी सरकार क्‍या कह रही है. स्‍थानीय प्राधिकरण क्‍या कह रहे हैं. चीन और दक्षिण कोरिया को इसे काफी हद तक काबू में पाने में सफलता मिली है.

क्‍या आपको बच्‍चे की शिक्षा का पैसा कहीं और इस्‍तेमाल करना चाहिए?

अपने लक्ष्‍यों के लिए प्राथमिकता तय करना ज्‍यादातर निवेशकों के लिए समस्‍या होती है. अगर वरुण केवल बेटे की शिक्षा के लिए जुटी रकम को इस्‍तेमाल करते हैं तो अपने रिटायरमेंट पर उन्‍हें इतने ही पैसे की किल्‍लत हो सकती है.

इन 5 कदमों से महिलाएं विरासत की संपत्ति पर अपना हक पा सकती हैं

परिवार के सदस्यों में आम सहमति के मामले में वसीयत अपनी संपत्ति को दूसरों को ट्रांसफर करने का सबसे अच्छा तरीका है.

क्या शादी के बाद धर्म बदल लेने वाली महिला माता-पिता की संपत्ति पर दावा कर सकती है?

माता-पिता के अपने बच्चों को छोड़ देने (संबंध खत्म कर देने) का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है. पर, वसीयत के जरिए माता-पिता अपनी प्रॉपर्टी में बच्चे को हिस्सा देने से मना कर सकते हैं.

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