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योजना

इन कदमों से महिलाएं पुश्‍तैनी संपत्ति पर पा सकती हैं अपना हक

महिलाएं विरासत की संपत्ति पर अपने हक का दावा करती हैं तो अक्सर कई लोगों के नाक-भौं सिकुड़ते हैं. कई बार घर वालों की नाराजगी के डर से वे अपने अधिकार को छोड़ देने में भलाई समझती हैं. महिलाएं विरासत की संपत्ति पर अपने हक की सुरक्षा कर सकती हैं. बस, उन्हें कुछ चीजों को प्राथमिकता से करने की जरूरत है. आइए, यहां उनके बारे में देखते हैं.

बच्‍चों को पैसे का लालच देकर घर का काम कराना कितना है सही?

यह जरूरी है कि बच्‍चे से घर के मामूली कामकाज छोटी उम्र से ही कराए जाएं. आयु के साथ काम की जटिलता को बढ़ाया जा सकता है.

देख लें कि कहीं खर्च से आपकी आर्थिक स्थिति तो कमजोर नहीं हो रही है?

एफोर्डेबिलिटी के प्रश्‍न का तब उत्‍तर मिलता है जब व्‍यक्ति यह पूछता है कि खर्च की भरपाई के लिए नई आमदनी कब त‍क मिलेगी.

रुपये-पैसे से जुड़ी इन 7 गलतफहमियों को कर लें दूर, होगा फायदा

पीपीएफ जैसे टैक्स फ्री प्रोडक्‍टों का रिटर्न होम या एजुकेशन लोन के लिए चुकाए जाने वाले इंटरेस्ट (टैक्स बचत का हिसाब करने के बाद) के मुकाबले ज्यादा होता है.

इन उपायों से आप बेहतर बना सकते हैं अपनी  वित्तीय स्थिति

क्या लाख कोशिशों के बावजूद आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं हो रही है? कई लोग अच्छी कमाई के बावजूद पर्याप्त बचत नहीं कर पाते हैं. इसका नतीजा यह होता है कि अचानक आए खर्च के लिए उन्हें उधार मांगना पड़ता है या लोन लेने को मजबूर होना पड़ता है. आइए जानते ऐसे कुछ उपाय जो वित्तीय स्थिति बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं.

क्‍यों आपको मदद मांगने से नहीं हिचकना चाहिए?

मदद मांगना नियंत्रण छोड़ने जैसा होता है. जो लोग हमारी मदद करते हैं, उन्‍हें शायद यह नहीं पता होता कि हम कहां तक सहज हैं.

क्या है सक्सेशन सर्टिफिकेट, इसे हासिल करने का तरीका क्या है?

तमाम लोग बिना वसीयत के दुनिया को अलविदा कह देते हैं. इस तरह के मामलों में परिवार के सदस्यों को सक्सेशन सर्टिफिकेट यानी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र लेने की जरूरत पड़ती है.

पिता और दादा बिना वसीयत के गुजर गए हैं तो कैसे होगा प्रॉपर्टी का बंटवारा?

अगर दादा के केवल दो बेटे थे तो पिता और दादा के गुजरने के बाद चाचा अपनी मर्जी से प्रॉपर्टी को नहीं बेच सकते हैं.

रुपये-पैसे को लेकर डरते हैं तो जानिए क्‍या है इससे निपटने का तरीका

लगभग 51 फीसदी लोगों को आशंका है कि रिटायर होने पर उनके पास पैसा नहीं रहेगा. एचएसबीसी फ्यूचर ऑफ रिटायरमेंट स्‍टडी में बताया गया है कि 10 में से सात लोगों को अपने बच्‍चों की मदद की उम्‍मीद है.

ल‍िव-इन में रह रहीं महिलाओं को हासिल हैं कौन-कौन से अधिकार?

शादी में दरार पड़ने और तलाक के बाद भी महिलाओं को कई अधिकार हासिल हैं. ज्यादातर महिलाओं को इनके बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है. इसके चलते वे पार्टनर से अपना हक नहीं ले पाती हैं. वे अपने साथ बच्चों के लिए वित्तीय परेशानियां झेलने को मजबूर हो जाती हैं. ऐसे में लोगों का यह सोचना आम है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहीं महिलाओं के पार्टनर से अलग होने के बाद उनकी हालत तो बदतर होती होगी. लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में अदालतों ने ऐसी महिलाओं और इनके बच्चों के लिए वित्तीय और दूसरे अधिकार सुनिश्चित किए हैं.

बच्‍चे के बाल‍िग होने पर माता-पिता को उठाने चाहिए ये जरूरी कदम

18 साल का होते ही बच्चों की जिंदगी में बड़े बदलाव आने लगते हैं. उम्र का यह पड़ाव केवल बच्चों के लिए ही नहीं, उनके माता-पिता के लिए भी अहम होता है. यही वह उम्र होती है जब बच्चे उच्च शिक्षा के लिए घर छोड़ते हैं. आत्मनिर्भर होने की दिशा में छोटा सा कदम बढ़ाते हैं. वे ड्राइविंग लाइसेंस, मतदान और वित्तीय लेनदेन के लिए पात्र हो जाते हैं. जहां तक माता-पिता का सवाल है तो यह उनके लिए भी नया अनुभव होता है. वे बच्चों को 'नई' दुनिया में दाखिल होने में मदद कर सकते हैं. उन्हें वित्तीय अधिकारों और जिम्मेदारियों की पहचान करा सकते हैं. आइए, देखते हैं कि वे कौन से कदम उठा सकते हैं जिससे इस बदलाव के चरण को अपनाने में बच्चों को मदद मिले.

इन 8 तरीकों से बच्‍चों में डालें रुपये-पैसे से जुड़ी अच्‍छी आदतें

अगर आप लापरवाही से खर्च करते हैं तो अपने बच्‍चों को बताएं कि आपको इस पर खेद है. आप खर्च पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं. वे आपकी बात को समझेंगे.

वसीयत के बगैर पिता की मौत हो जाने पर क्‍या हैं वारिसों के अधिकार?

यह पैसा चूंकि पिता का है. इसलिए अन्‍य वारिसों के उत्‍तराधिकारी भी भविष्‍य में इस पैसे पर दावा कर सकते हैं.

जिम्‍मेदारियां खत्‍म हो जाएं तो इन 5 तरीकों से अधूरी हसरतें करें पूरी

बच्‍चों के लिए वर्षों तक बचत करने और उनकी एजुकेशन के लिए फंड जमा करने के बाद अचानक हायर एजुकेशन का लक्ष्‍य पूरा हो जाता है.

₹1.5 लाख मास‍िक आय वाले दंपती को कैसे बनाना चाहिए फाइनेंशियल प्लान?

सबसे पहले इमर्जेंसी फंड बनाना चाहिए. इससे अचानक कोई जरूरत पड़ने पर आपको क‍िसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती है.

बचपन में जैसी फाइनेंशियल ट्रेनिंग मिलेगी, बड़ा होकर वैसा बनेगा बच्चा

अगर आप आर्थिक मुश्किलों से गुजर रहे हैं और बच्चे को इस बारे में बताते हैं तो वह न केवल अनहोनी स्थितियों से निपटना सीखेगा, बल्कि यह भी जानेगा कि उनसे भागे बगैर कैसे बचा जाए.

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